मिशन शक्ति फेज-05: यूपी में 'नारी सुरक्षा और स्वाभिमान' का शंखनाद; एक माह तक चलेगा विशेष अभियान
Special Campaign to Run for One Month
लखनऊ। Special Campaign to Run for One Month, सरकार ने वासंतिक नवरात्र के अवसर पर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा व सम्मान को सुदृढ़ करने के लिए मिशन शक्ति अभियान (फेज–05, द्वितीय चरण) का शुभारंभ कर दिया है। इस अभियान को लेकर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं।
इस संदर्भ में जारी शासनादेश के अनुसार 19 मार्च के शुरू होने वाला यह अभियान एक माह तक चलेगा। अभियान के तहत वासंतिक नवरात्र के मद्देनजर मंदिरों व भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
मुख्य सचिव ने कहा है कि पुलिस, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, नगर विकास सहित 13 विभागों के समन्वय से राज्य भर में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही एंटी-रोमियो स्क्वाड द्वारा छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ‘पिंक बूथ’ और महिला बीट पुलिस के माध्यम से महिलाओं से संवाद स्थापित कर उन्हें सुरक्षा उपायों और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी जाएगी।
शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। 1090, 181, 112 सहित विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं का प्रचार किया जाएगा।
इसके अलावा स्कूल-कालेजों में जागरूकता अभियान, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, निबंध, नाटक और रैली जैसे कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग को साइकिल रैली, सेल्फ डिफेंस वर्कशाप, स्वास्थ्य शिविर और कन्या पूजन जैसे कार्यक्रमों के आयोजन के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, नगर निकायों में सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने, महिला हेल्प डेस्क को सशक्त करने और स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। वहीं जिलों में जिलाधिकारियों के सहयोग से बहादुरी का काम करने वाली महिलाओं व युवतियों को सम्मानित किया जाएगा।
प्रत्येक ग्राम पंचायत व वार्ड में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। महिला बीट अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं वह घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को चिह्नित कर उन्हें न्याय दिलाने में मदद करें।
महिला एवं बाल विकास विभाग को हर जिले में कम से कम 100-100 महिलाओं को चिह्नित कर उन्हें एक माह का ड्राइविंग का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा और उनके ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए जाएंगे। वहीं राजकीय अस्पतालों में लड़कियों के जन्म होने पर उनका जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।